आंगनबाड़ी से लेकर जालौन स्तर तक संगोष्ठी, रैली, प्रतियोगिताएं और कार्यशालाएं होंगी आयोजित
जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्राप्त शासनादेशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना, उनकी भूमिका को सशक्त करना तथा समाज में लैंगिक समानता स्थापित करना है। इसे केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में 16 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। आंगनबाड़ी स्तर पर मानव श्रृंखला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, लोकगीत, लोकनृत्य एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को जागरूक किया जाए। साथ ही पोस्टर, स्लोगन एवं रंगोली प्रतियोगिताओं के माध्यम से अधिनियम के उद्देश्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। जिलाधिकारी ने महिला कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि 17 से 19 अप्रैल तक जनपद स्तर पर कार्यशालाएं, वन स्टॉप सेंटर, बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को अधिनियम के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” अभियान से जुड़ी गतिविधियों को भी इसमें समाहित किया जाए, जिससे अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का विधिवत दस्तावेजीकरण किया जाए तथा प्रत्येक गतिविधि की रिपोर्ट समयबद्ध रूप से शासन को प्रेषित की जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों को सशक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर इसे जनांदोलन के रूप में संचालित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











