पुखरायां (कानपुर देहात) रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। जिस घर को एक पिता ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई से बनाया, उसी घर से उसे और उसकी वृद्ध पत्नी को बेदर्दी से बाहर निकाल दिया गया।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग अमर सिंह यादव (90 वर्ष) और उनकी पत्नी राम जानकी उर्फ मूंगा (85 वर्ष), सुआ बाबा मंदिर के पास असहाय अवस्था में बैठे मिले। दोनों मूल रूप से आलमपुर, कालपी के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर के नौबस्ता में उनका खुद का मकान है, जिस पर उनके बेटे और दामाद ने जबरन कब्जा कर लिया।
मारपीट कर घर से निकाला
बुजुर्ग दंपत्ति का आरोप है कि बेटे और दामाद ने न केवल घर पर कब्जा किया, बल्कि उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। मजबूरी में दोनों को सड़क पर रात बितानी पड़ी।
मानवता की मिसाल बने गौरव पंडित
जब इस घटना की जानकारी हिंदू नेता गौरक्षक गौरव पंडित को हुई, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बुजुर्गों की हालत देखकर तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया और उनके लिए भोजन व रहने की व्यवस्था कराई।
वृद्धाश्रम में कराया गया सुरक्षित ठिकाना
स्थानीय लोगों और गौरव पंडित के सहयोग से इस बुजुर्ग दंपत्ति को रनिया स्थित वृद्धाश्रम भेज दिया गया है, जहां अब उनकी देखभाल की जा रही है।
क्षेत्र में आक्रोश
इस अमानवीय घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में रोष है। लोग इसे कलयुग की क्रूर सच्चाई बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
जन संदेश 24 मीडिया आपसे अपील करता है कि अपने बुजुर्गों का सम्मान करें, क्योंकि वही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।












