कालपी-जालौन। ई-क्रॉप सर्वे एक बार फिर किसानों के लिए परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। शनिवार को गल्ला मण्डी स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय से किसानों ने सर्वे में हो रही गड़बड़ियों की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लेखपालों से सत्यापन कराने का आश्वासन दिया।
ज्ञात हो कि शासन द्वारा कई वर्षों से पारंपरिक खसरा व्यवस्था को समाप्त कर उसे खतौनी की तरह ऑनलाइन करने के उद्देश्य से ई-क्रॉप सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, लंबे समय से चल रही इस व्यवस्था में तकनीकी खामियां दूर नहीं हो सकी हैं। पूर्व में ज्वार खरीद के दौरान भी ऑनलाइन खसरे की त्रुटियों के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद प्रशासन ने लेखपालों को सत्यापन का अधिकार दिया था।
अब वही समस्या गेहूं खरीद में भी सामने आ रही है। किसानों ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे को बताया कि उनके खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है, लेकिन ऑनलाइन खसरे में मटर दर्ज हो रहा है, जिससे वे अपनी उपज क्रय केंद्र पर नहीं बेच पा रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय एवं एसडीएम मनोज कुमार सिंह को निर्देश दिए कि लेखपालों के माध्यम से खसरे का शीघ्र सत्यापन कराया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी रूचिता प्रजापति को सख्त निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र पर बिचौलियों की संलिप्तता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि मण्डी परिसर में दो क्रय केंद्र संचालित हैं, जहां अब तक लगभग साढ़े चार सौ कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इस दौरान सीडीओ के.के. सिंह, उपजिलाअधिकारी कालपी मनोज कुमार सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।











