कालपी कागज़ उद्योग प्रशिक्षण से बदलेगा महिलाओं की दिशा और दशा – मनोज कुमार सिंह

 

कालपी (जालौन)  महिला सशक्तिकरण एवं स्थानीय उद्योगों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अनुरागिनी संस्था द्वारा कागज़ सखी पहल का शुभारंभ किया गया। यह पहल सक्षम – द चेंजमेकर्स के सहयोग से प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक उत्पाद को मजबूती प्रदान करना है। विशेष रूप से कालपी के प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कागज़ उद्योग को सशक्त बनाना इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य है इस पहल का औपचारिक शुभारंभ आज मंडलीय खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि कागज़ सखी जैसी पहलें स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होंगी उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया और कहा कि यह पहल न केवल आर्थिक उन्नति का माध्यम बनेगी, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करेगी अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने अपने वक्तव्य में कहा कि संस्था पिछले 30 वर्षों से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्यरत है कागज़ सखी पहल के अंतर्गत महिलाओं को व्यवस्थित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे हस्तनिर्मित कागज़ पर वैल्यू एडिशन कर विभिन्न उपयोगी एवं आकर्षक उत्पाद तैयार करना सीखेंगी इनमें गिफ्ट आइटम सजावटी सामग्री फाइल फोल्डर डायरी पेपर बैग आर्ट एवं क्राफ्ट उत्पाद आदि शामिल होंगे प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य एस. पी. गोयल ने कहा कि कागज़ सखी पहल कालपी के हस्तनिर्मित कागज़ उद्योग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समयोचित कदम है जब स्थानीय महिलाएं कौशल से जुड़ती हैं, तो उद्योग को स्थायित्व मिलता है और समाज में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होती है हस्तनिर्मित कागज़ उद्यमी उदय प्रताप सिंह ने कहा कि कालपी का कागज़ उद्योग अपनी विशिष्ट गुणवत्ता के लिए जाना जाता है, किंतु आधुनिक डिज़ाइन और बाज़ार की समझ के अभाव में इसे अपेक्षित विस्तार नहीं मिल पाया है कागज़ सखी परियोजना इस अंतर को दूर करने का प्रयास करेगी और प्रशिक्षित महिलाओं के माध्यम से उद्योग को नई दिशा देगी प्रशिक्षक शेखर गोयल ने बताया कि प्रशिक्षण में कच्चे माल की पहचान कागज़ निर्माण की प्रक्रिया डिज़ाइनिंग पैकेजिंग एवं विपणन कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात प्रतिभागियों को स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ स्थानीय उद्योग को नई ऊर्जा नवाचार और व्यापक बाज़ार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय कदम है कागज़ सखी के माध्यम से जनपद में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की नई मिसाल स्थापित होने की उम्मीद की जा रही है।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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