कालपी (जालौन)! उरई से बारा परियोजना मार्ग पर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राजमार्ग प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी और जनहितकारी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में टोल प्लाजा आटा पर 15 दिसंबर से 31 जनवरी तक प्रतिदिन गुजरने वाले सभी आवश्यक और चयनित वाहनों पर रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का कार्य नियमित रूप से किया जाएगा। यह जानकारी उरई–बारा परियोजना के प्रबंधक इंग्लेश शर्मा ने देते हुए बताया कि यह अभियान विशेष रूप से सर्दी और कोहरे के मौसम को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है।
इंग्लेश शर्मा ने बताया कि शीतकाल में कोहरा, धुंध और कम रोशनी के कारण दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप अंधेरे और कोहरे में भी प्रकाश को परावर्तित करता है, जिससे वाहन दूर से ही स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते संकेत मिल जाता है और अचानक ब्रेक या टक्कर जैसी घटनाओं से बचाव संभव होता है।
उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों को इस कार्य के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया है। वाहन चालकों के सहयोग से यह अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है और अधिकांश चालक इस पहल की सराहना कर रहे हैं। इसके साथ ही टोल प्लाजा पर सुरक्षा से संबंधित पर्चे वितरित कर तथा मौखिक रूप से भी वाहन चालकों को सतर्क और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए ओरई–बारा परियोजना मार्ग के विभिन्न स्थानों पर घूम रहे आवारा पशुओं के गले में भी चमकीली रिफ्लेक्टिव पट्टियाँ पहनाई जा रही हैं। गाय, बैल सहित अन्य पशुओं को सुरक्षित और मानवीय तरीके से पकड़कर यह पट्टियाँ लगाई जा रही हैं, ताकि रात्रि एवं कोहरे के समय उनकी मौजूदगी दूर से ही दिखाई दे और हादसों से बचा जा सके।
इंग्लेश शर्मा ने बताया कि राजमार्ग टीम का उद्देश्य केवल टोल वसूली नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देने और लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।











