कालपी (जालौन)तहसील दिवस कालपी में शनिवार को ग्राम देवकली की दर्जनों महिलाओं ने भारी संख्या में पहुंचकर उपजिलाधिकारी को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने ग्राम हीरापुर दिवारा में चल रहे बालू खनन से जुड़े ठेकेदार द्वारा बनाई जा रही सड़क पर गंभीर आपत्ति जताते हुए तुरंत निर्माण कार्य को रोकने की मांग की।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि खनन कार्य के संचालन के लिए ठेकेदार ने गांव देवकली की आबादी से सटा हुआ रास्ता बनाना शुरू कर दिया है। सड़क निर्माण यदि आबादी के बिल्कुल पास किया गया, तो ग्रामीणों की दैनिक जीवनचर्या और सुरक्षा दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। महिलाओं ने कहा कि जहां सड़क बनाई जा रही है, वहीं पर गांव वालों का घूरा व कंडा रखने की परंपरागत जगह है, जो इस निर्माण से समाप्त हो जाएगी। इससे न सिर्फ अव्यवस्था बढ़ेगी बल्कि आपसी तनाव की भी स्थिति पैदा हो सकती है।
ग्रामीणों ने आगे बताया कि गांव में बच्चे बड़ी संख्या में खेलते हैं। आबादी के बीच से बड़े वाहनों का लगातार आवागमन होने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, सड़क के संकरे होने पर स्कूल वाहनों का गांव में प्रवेश रुक जाएगा, जिससे बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ेगा। महिलाओं ने यह भी कहा कि यदि यह सड़क इसी स्थान पर बन गई, तो आपातकालीन सेवाओं जैसे 112, 102 और 108 के वाहनों का गांव में प्रवेश कठिन हो जाएगा। इससे बीमार, घायल और जरूरतमंद लोगों को समय से चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाएगी।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सड़क का निर्माण आबादी से कम से कम 500 मीटर की दूरी पर कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं, परंतु उसके मार्ग का निर्धारण जन सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाना आवश्यक है।
यदि ठेकेदार अपनी मनमानी पर अड़ा रहा और सड़क गांव की बस्ती से होकर गुजारी गई, तो आए दिन दुर्घटनाएं, विवाद और जनहानि जैसी घटनाएं होना निश्चित है।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए उपजिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब करने एवं स्थलीय निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में लीलावती, लौंगश्री, रानी देवीश्री, निर्मला देवी, धनवंती, मैकी देवी, राजरानी, रमाकांती सहित देवकली गांव की दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं। ग्रामीण महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।
तहसील दिवस में गांव की महिलाओं की सक्रियता और जुटान चर्चा का विषय बना रहा। सभी की एक ही आवाज थी हम विकास के खिलाफ नहीं, लेकिन सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।











