बाढ़ का खतरा कम फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों की जारी निगरानी
कालपी (जालौन)। यमुना नदी के जलस्तर में अब लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है गुरुवार को नदी का जलस्तर घटकर 102.8 मीटर पर पहुंच गया पानी में करीब 10-15 सेंटीमीटर प्रति घंटे की कमी आ रही है जलस्तर नीचे जाने से नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
पिछले कुछ दिनों से यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी नदी का पानी बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई थी बुधवार से जलस्तर में कमी शुरू होने के बाद स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है गुरुवार को भी पानी घटने का क्रम जारी रहा कालपी में यमुना का चेतावनी स्तर 107 मीटर और खतरे का निशान 108 मीटर है वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है ऐसे में फिलहाल बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका कम हो गई है। हालांकि नदी के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। जलस्तर कम होने के साथ ही यमुना किनारे रहने वाले लोगों को बढ़ते पानी से होने वाली परेशानी से राहत मिली है। खेतों और नदी के आसपास के इलाकों में भी पानी का दबाव कम हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि पानी में अचानक बढ़ोतरी होने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
पत्रकार सतीश द्विवेदी कालपी















