उरई। न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मां सरस्वती पर माल्यार्पण करके दीप प्रज्ज्वलित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत् उद्घाटन किया गया। सभी तहसीलों मे स्थित दीवानी न्यायालयों में भी उक्त आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एंव समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहें। इसी क्रम में आज जनपद न्यायाधीश द्वारा नवीन पहल करते हुये जनसामान्य के लिये स्वास्थ्य शिविर का आयोजन लोकअदालत में किया गया। इसी क्रम में जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा यातायात सम्बन्धी चालानों को सेतु ऐप्प से ई-पेमेन्ट के माध्यम से भुगतान किये जाने का शुभारंभ जनपद न्यायालय परिसर में स्थित ई-सेवा केन्द्र पर किया गया ।
राष्ट्रीय लोकअदालत में निस्तारित वादों की जानकारी देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनाली चन्द्रा द्वारा बताया गया कि आज जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज द्वारा 41 मुकदमों का निस्तारण किया गया एवं मु० 2,21,71,432/- रू० धनराशि पक्षकारों को दिलायी गयी। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि आज लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 16 मुकदमों का निस्तारण करते हुये भरण पोषण के मामलें निस्तारित किये। इनके द्वारा 06 वैवाहिक मामले प्रीलिटिगेशन स्तर के भी निपटाये गये। अपर कुटुम्ब न्यायाधीश प्रवीण कुमार पाण्डेय द्वारा 62 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इनके द्वारा 10 वैवाहिक मामले प्रीलिटिगेशन स्तर के भी निपटाये गये। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी सुदीप कुमार जायसवाल द्वारा 64 मामलों में विपक्षी बीमा कम्पनियों से पीड़ित याचीगण को 1,32,30,000/-रू० धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलायी गयी। स्थायी लोक अदालत (पी०यू०एस०) के अध्यक्ष राजवर्धन गुप्ता द्वारा भी 01 मुकदमा में पक्षकारों के मध्य सुलह कराते हुये उन्हें विवाद से राहत प्रदान की गयी।
अपर जिला जज-प्रथम सतीश चन्द्र द्विवेदी द्वारा 07, विशेष न्यायाधीश (एस०सी०एस०टी० एक्ट) सुरेश कुमार गुप्ता द्वारा 03, विशेष न्यायाधीश (द०प्र०क्षे०) चन्द्रमोहन चतुर्वेदी द्वारा 05, विशेष न्यायाधीश (ई०सी०एक्ट०) मुन्नाप्रसाद द्वारा विशेष प्रयास करते हुये विद्युत अधिनियम के 313 मुकदमों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) राजीव सिंह द्वारा 07 मुकदमों का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज /एफ०टी०सी० भारतेन्द्र सिंह द्वारा 32 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे द्वारा कुल 2991 आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज सी0डि0 शाम्भवी-। द्वारा दीवानी प्रकृति के 19 व फौजदारी के 51 वादो का, सिविल जज सी०डि० (एफ०टी०सी०) रजत सिंह यादव द्वारा दीवानी प्रकृति के 04 व फौजदारी के 149 वादो में पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया गया।
सिविल जज जू०डि० उरई प्रत्यूष प्रकाश द्वारा दीवानी के 04 वाद फौजदारी के 175, अपर सिविल जज जू०डि० प्रथम अंकिता सिंह (पंचम) द्वारा फौजदारी के 501, सिविल जज जू०डि०/एफ०टी०सी०/सीएडब्ल्यू अनिरुद्ध सिंह द्वारा फौजदारी के 117, न्यायालय सिविल जज (जू०डि०)/एफ०टी०सी० 14वां वित्त आयोग शैलजा द्वारा दीवानी वाद फौजदारी वाद 51, सिविल जज जू०डि० कोंच सतनाम यादव के द्वारा दीवानी के 07 वाद फौजदारी के 309 वाद, सिविल जज जू०डि० कालपी अभिषेक चौधरी के द्वारा फौजदारी के 512, अपर सिविल जज जू०डि० कालपी सुधांशु सिंह के द्वारा दीवानी के 01 वाद फौजदारी के 119, जालौन दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी जावेद खां द्वारा फौजदारी के 520 एवं अपर सिविल जज जू०डि० जालौन निकिता सिंह के द्वारा दीवानी के 01 वाद व फौजदारी के 210 , ग्राम न्यायालय माधौगढ़ के न्यायाधिकारी विनय कुमार चाहर द्वारा 01 दीवानी एवं 91 फौजदारी एवं विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सैयद अली मेहदी आबिदी द्वारा कुल 131 मामलों का निस्तारण करते हुये विभिन्न न्यायालयों द्वारा 5,50,440/-रू० कोष में जमा कराये। आज राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले की विभिन्न बैंकों के बकाया ऋण के 577 मामलों में समझौता कराया गया। इसके अतिरिक्त यातायात सम्बन्धी चालानों को सेतु ऐप्प से ई-पेमेन्ट के माध्यम कुल 36 मामलों का निसतारण किया गया।
इनके अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट सहित सभी उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदार न्यायालयों द्वारा राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 2135 मामलों सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकृति के 2,29,025 मामले निस्तारित किये गये। इस प्रकार न्यायालयों एवं जिला प्रशासन में 2,39,074 मामलों को आज निस्तारित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।















