शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सराहनीय भूमिका के लिए जनप्रतिनिधियों ने किया सम्मान
जालौन। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र, रामगढ़ताल, गोरखपुर से समर्पण, नवाचार एवं शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षक सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान कर शिक्षकों के योगदान को सराहा तथा शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
जनपद जालौन में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया गया, जिसे सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, विधान परिषद सदस्य के प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने देखा और मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम में जनपद के 70 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए शिक्षक सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह नजर आया। कार्यक्रम ने शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का संदेश दिया।
विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण की सबसे मजबूत नींव हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, अनुशासन और भविष्य को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का कार्य करता है।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षकों के समर्पण और मेहनत से ही विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान मिलती है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में शिक्षा के साथ नवाचार और तकनीक का समावेश जरूरी है तथा शिक्षक अपनी प्रतिभा और अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि शिक्षक सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना का सम्मान है। उन्होंने सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका समर्पण जनपद के विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और नवाचार के साथ करें, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिल सके। उन्होंने सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका उत्कृष्ट कार्य अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा और शिक्षक सम्मान कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।











