स्थलीय सत्यापन के साथ शिकायतों का निस्तारण कराने के निर्देश, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की रेंडम जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करते हुए शिकायतकर्ता को प्रभावी समाधान उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई में प्राप्त जनहित के प्रकरणों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। इनमें सड़क, पुल, विद्यालय भवन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, जलभराव और अन्य जनसुविधाओं से संबंधित मामले को प्राथमिकता पर शामिल किया गया हैं। समीक्षा के दौरान क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग, जनपद के जर्जर विद्यालय भवन, आटा-हरिशंकरी नहर मार्ग स्थित नरूआ पुल, जोरखेड़ा में जलापूर्ति की व्यवस्था उरई में निजी एवं शासकीय अस्पतालों से प्राप्त शिकायतों तथा कालपी रेलवे अंडरपास मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क के मरम्मत किए जाने से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।इसी प्रकार उरई-ऐर मार्ग पर सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन ट्रक खड़े करने वाले वाहनों को चिन्हित कर कार्यवाही करें । आयुर्वेदिक चिकित्सालयों एवं समस्त चिकित्सालयों में में स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सकों की समय से उपस्थित, गुलौली-बहरी-तिरही-निरौला मार्ग की जर्जर सड़क, अमृत योजना-2.0 के तहत पेयजल पाइपलाइन कार्य तेजी से करने एवं जालौन नगर के सभी मोहल्लों मे सड़क, कालपी-देवकली मार्ग के सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण से संबंधित मामलों की भी समीक्षा कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को यथावश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि उक्त प्रत्येक समस्या की स्थलीय एवं आवश्यकतानुसार तकनीकी जांच कराकर तथ्यात्मक आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जाँच में शिकायत सही पाए जाने पर समयबद्ध गुणवत्ता पूर्वक समाधान कराया जाए तथा किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा कार्यदायी संस्था की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को निस्तारण की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए और प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की आख्या, स्थलीय निरीक्षण के फोटोग्राफ तथा वर्तमान स्थिति सहित रिपोर्ट निर्धारित समय में उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। रेंडम जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिकायतों का निस्तारण वास्तविक रूप से पर भी प्रभावी रूप से हुआ है। उत्तर प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।














