उरई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद जालौन में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखने एवं डायरिया जनित मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 25 जून से 25 अगस्त, 2026 तक स्टॉप डायरिया अभियान-2026 संचालित किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम स्वच्छ जल, समुचित उपचार डायरिया से बचें हर बार निर्धारित की गई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर डायरिया से बचाव, समय पर उपचार तथा स्वच्छता संबंधी व्यवहार परिवर्तन के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। प्रत्येक परिवार को डायरिया के लक्षण, ओआरएस घोल तैयार करने एवं उपयोग करने की सही विधि, जिंक की गोली का महत्व, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, साबुन से हाथ धोने की आदत तथा बच्चों को स्वच्छ एवं ताजा भोजन उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी दी जाएगी।उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर ओआरएस पैकेट एवं जिंक टैबलेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर बच्चे को तत्काल ओ०आर०एस० घोल देना प्रारंभ करें तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य दें। यदि बच्चे में बार-बार पतले दस्त, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक प्यास, सुस्ती अथवा निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दें तो बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि डायरिया एक ऐसी बीमारी है. जिससे समय पर उपचार एवं उचित सावधानियां अपनाकर आसानी से बचाव किया जा सकता है। स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत तथा ओ०आर०एस० एवं जिंक का समय पर उपयोग बच्चों के जीवन की रक्षा में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं आमजन से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।स्वच्छ जल, समुचित उपचार डायरिया से बचें हर बार के संदेश के साथ स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से इस जनहितकारी अभियान में सहभागी बनने एवं स्वस्थ जालौन के निर्माण में योगदान देने की अपील की है।











