जल मानव जीवन का आधार है तथा इसका संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है: जिलाधिकारी
भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

कानपुर देहात। भूजल सप्ताह के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में पेयजल, स्वच्छता तथा जलजनित बीमारियों से बचाव विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सुरक्षित पेयजल के महत्व, स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि जल मानव जीवन का आधार है तथा इसका संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते भूजल दोहन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए। उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा भूजल पुनर्भरण के उपायों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्धता जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि दूषित जल के सेवन से हैजा, टाइफाइड, डायरिया, पेचिश तथा अन्य जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वच्छता के मानकों का पालन, जल स्रोतों की नियमित सफाई तथा सुरक्षित पेयजल का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों एवं जनसामान्य से जल संरक्षण को जनभागीदारी आधारित अभियान बनाने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, जल गुणवत्ता, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता, वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को जल संरक्षण से संबंधित व्यवहारिक उपायों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं जिनमें निबन्ध प्रतियोगिता में भैभव अग्निहोत्री, प्रिन्स, सोनम कुशवाहा वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में प्रिया, समरीन, अर्पित कश्यप जिलाधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी जल संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से सभी ने जल की प्रत्येक बूंद को बचाने, जल का अपव्यय रोकने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा भूजल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 जयगोविन्द, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई सुधाकर सिंह, एक्सियन जल निगम टीआर कटारिया, परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिरूद्ध सिंह, डीसी नरेगा अशोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी संजय यादव, जिला कृषि अधिकारी उप निदेशक कृषि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं, आदि उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प व्यक्त किया।












