संवेदनशील मामलों में 9 अधिकारियों की टीम तत्काल मौके पर रवाना, अतिक्रमणकारियों व लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
जालौन की तहसील कालपी में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। समाधान दिवस में कुल 145 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर फरियादियों को तत्काल राहत प्रदान की गई, जबकि शेष प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल शिकायतों का निस्तारण नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक न्याय दिलाना है। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, चकरोड, विरासत, अंश निर्धारण एवं राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को मौके पर जाकर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान प्राप्त सात संवेदनशील प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई करते हुए नौ अधिकारियों की संयुक्त टीमों को मौके पर रवाना किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में केवल औपचारिक रिपोर्ट प्रस्तुत न की जाए, बल्कि वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर प्रभावी समाधान कराया जाए। समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मदपुर निवासी लक्ष्मी देवी की मौजा बारा में विरासत दर्ज किए जाने संबंधी शिकायत, सोहरनपुर निवासी सुरेंद्र कुमार की खतौनी में नाम दर्ज किए जाने की शिकायत, आटा निवासी मलखान एवं चिरौरा निवासी किशना देवी के अंश संशोधन संबंधी प्रकरण, उदनपुर निवासी सुरजी की अंश निर्धारण एवं नाम दर्ज करने की शिकायत तथा परशन निवासी रामगोपाल की खतौनी में हिस्सेदारी दर्ज किए जाने संबंधी शिकायत का मौके पर ही निस्तारण कर राहत प्रदान की गई। वहीं अहमदपुर दिवारा के गाटा संख्या 8/8 के अंश निर्धारण संबंधी शिकायत पर भी तत्काल कार्रवाई कर समाधान कराया गया। कार्यवाही के दौरान मिर्जामंडी निवासी सर्वेश कुमार गुप्ता द्वारा सरकारी भूमि एवं नाले पर अतिक्रमण की शिकायत प्रस्तुत की गई, जिस पर उप जिलाधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इटौरा गुरु के कमलेश बाबू, रामकली, रामऔतार, गयाप्रसाद, मोहन, रमेश, संतोष, जयकरन पाल, बलवान पाल एवं प्रताप द्वारा चकमार्ग संख्या-802 पर अवैध कब्जे की शिकायत किए जाने पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया। बिनौरा निवासी दिलीप कुमार एवं संदीप कुमार द्वारा भूमि कब्जे संबंधी शिकायत पर उप जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।कालपी क्षेत्र के पवनदीप निषाद, उमाशंकर निषाद एवं महावीर द्वारा शेखपुर बुल्दा स्थित प्राचीन वेदव्यास मंदिर में पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे बोल्डर पिचिंग कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई एवं आरईएस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित कर मौके पर भेज कर मानकों के अनुरूप जांच करने के निर्देश दिए। सिकरी रहमानपुर निवासी गोविंद सिंह द्वारा नाले पर अवैध कब्जे की शिकायत तथा बसरेही निवासी छोटेलाल द्वारा कृषि पट्टा भूमि की पैमाइश कराए जाने संबंधी शिकायत पर भी संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रदीप कुमार बाजपेई द्वारा चकरोड संख्या-621 पर मिट्टी डलवाने की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी महेवा को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर, इंदिरा नगर कालपी में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य से संबंधित शिकायत भी सामने आई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई प्रारंभ करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही एवं गुणवत्ता किसी भी स्तर पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, चकरोड, अतिक्रमण एवं राजस्व संबंधी प्रकरणों का निस्तारण पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जाए, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विवादित एवं संवेदनशील मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, उप जिलाधिकारी कालपी अमित शेखर सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।











