विकास अवस्थी जिला मुख्यालय ककोर जिला के अधिकारी यदि विकास कार्य की ओर अपनी नजर इनायत कर दें तो असंभव काम भी संभव बन जाता है।
किसी भी ग्राम पंचायत या कस्बा में कोई समस्या गंभीर हो जाती है और उस पर जिलाधिकारी संज्ञान ले लें तो तो वह विकास कार्य पूरा हो जाता है।प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता हो तो विकास की तस्वीर बदलते देर नहीं लगती। इसका ताजा उदाहरण ग्राम लालपुर में देखने को मिला, जहां वर्षों से जलभराव और बदहाल रास्तों की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिल गई। तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर गांव में 100 मीटर से अधिक लंबी सीसी सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बरसात के मौसम में लालपुर, नौली, महतेपुर मड़ैया समेत आसपास के गांवों के लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता था। गांव की गलियां तालाब में तब्दील हो जाती थीं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती थी। बच्चे साइकिल और पैदल स्कूल जाते समय पानी और कीचड़ में गिर जाते थे, उनकी यूनिफॉर्म खराब हो जाती थी और कई बार चोटिल भी हो जाते थे।
ग्रामीणों और बच्चों ने कई बार अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुंचाई। बताया जाता है कि बच्चों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने तुरंत सड़क निर्माण के निर्देश जारी किए। इसके बाद नाली निर्माण और सीसी सड़क का कार्य तेजी से शुरू कराया गया और अब सड़क पूरी तरह तैयार हो चुकी है।
सड़क बनने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि वर्षों से झेल रहे दर्द से मुक्ति है। लोगों ने डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि यदि वे जिले में कुछ समय और रहते तो विकास की तस्वीर और भी अलग होती।
ग्रामीणों ने नए जिलाधिकारी बृजेश कुमार से भी उम्मीद जताई है कि वे जनसमस्याओं को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को और गति देंगे। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि इसी तरह संवेदनशील बना रहा तो ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने में देर नहीं लगेगी। नोली गांव के पूर्व प्रधान मुन्ना दीक्षित पाटीदार बापू, आलोक, मुन्नू सत्य प्रकाश विनोद बाबू ने प्रसन्नता व्यक्त की।











