फफूँद औरैया आनंदेश्वर धाम एक्सिस पब्लिक स्कूल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा वाचक श्री सत्यकिशोर पांडे ने अपने मधुर वचनों एवं ओजस्वी शैली से भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतरण की कथा सुनाकर उपस्थित परीक्षित प्रमोद कुमार दीक्षित एवं मीरा दीक्षित एवं समस्त श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर पाप, अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। कंस के अत्याचारों से त्रस्त जनता की रक्षा हेतु भगवान श्रीहरि ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। कथा वाचक ने देवकी और वसुदेव की कारागार की पीड़ा, भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होने तथा वसुदेव द्वारा बालक कृष्ण को गोकुल पहुंचाने के प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। कथा के प्रत्येक प्रसंग पर श्रद्धालु भावविभोर होकर “जय श्रीकृष्ण” और “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष करते रहे।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को प्रेम, सत्य, धर्म और करुणा का संदेश देता है। भगवान श्रीकृष्ण केवल एक देव स्वरूप ही नहीं, बल्कि मानव जीवन के आदर्श पथ प्रदर्शक भी हैं। कथा के माध्यम से लोगों को सदाचार, भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्ति गीतों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु कथा श्रवण के साथ भजनों पर झूमते नजर आए। आयोजन में महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
इस अवसर पर प्रमोद कुमार दीक्षित एवं मीरा दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया तथा आयोजन की सराहना की। कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने का आग्रह किया।











