खरीफ फसलों की बुवाई से पहले बीज शोधन करें किसान, कृषि विभाग ने जारी की सलाह

उरई जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि खरीफ 2026 में बीज शोधन अपनाकर फसलों को रोगमुक्त एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए जनपद जालौन के समस्त कृषक बंधुओं को सूचित किया जाता है कि खरीफ मौसम 2026 में धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उड़द, मूंग तिल सोयाबीन एवं अन्य फसलों की बुवाई से पूर्व बीज शोधन अवश्य करें। बीज शोधन फसलों को बीज एवं मृदा जनित रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है तथा अंकुरण प्रतिशत एवं उत्पादन में वृ‌द्धि करता है।कृषक बंधु प्रमाणित एवं स्वस्थ बीज का चयन करें तथा बुवाई से पूर्व अनुशंसित मात्रा में फफूंदनाशी एवं जैविक उत्पादों द्वारा बीज शोधन करें। बीज शोधन से प्रारंभिक अवस्था में लगने वाले रोगों जैसे उकठा झुलसा कंडुआ, जड़ गलन एवं बीज सड़न आदि की रोकथाम प्रभावी रूप से की जा सकती है।बीज शोधन हेतु सामान्यतः कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज अथवा थीरम 75 प्रतिशत 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज अथवा कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित अन्य फफूंदनाशियों का प्रयोग किया जा सकता है। जैविक बीज शोधन हेतु ट्राइकोडर्मा हार्जियनम 5-10 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज का उपयोग लाभकारी पाया गया है।कृषक बंधु यह भी सुनिश्चित करें कि बीज शोधन के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं तथा शोधन किए गए बीज को छायादार स्थान पर सुखाकर ही बुवाई करें। अधिक जानकारी हेतु कृषक अपने विकास खंड के कृषि रक्षा इकाई कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं साथ ही समस्त कृषक भाइयों को सूचित किया जाता है. कृषि विभाग के कृषि रक्षा अनुभाग द्वारा फसलों में कीट/रोग संबंधी समस्या के समाधान हेतु सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली (पी०सी०एस०आर०एस०) इसमें विभाग द्वारा दो नंबर 9452247111 एवं 9452257111 दिए गये है इन नंबरों पर आप अपना कृषक पंजीकरण नंबर या अपना नाम, ग्राम का नाम विकास खंड, जनपद का नाम एवं फसल में लगने वाले कीट/रोग का नाम लक्षण फोटो सहित विवरण उपरोक्त नंबरों पर एस०एम०एस०/व्हाटसअप के माध्यम से भेजकर अपनी समस्या का समाधान 48 घंटे में प्राप्त कर सकते है।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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