कानपुर देहात। वर्ष 1998 में दर्ज गौ तस्करी के मामले में न्यायालय जेएम भोगनीपुर ने आरोपी पप्पू पुत्र नसीर निवासी चांदापुर थाना भोगनीपुर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित करते हुए न्यायालय उठने तक की सजा तथा 250 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक सप्ताह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार 16 नवंबर 1998 को थाना भोगनीपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त पप्पू एवं अन्य लोगों के कब्जे से गौ तस्करी के लिए ले जाए जा रहे चोरी के 37 गौवंश बरामद किए थे। इस मामले में थाना भोगनीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 325/1998 धारा 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया था।
पुलिस विवेचना के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की जांच पूरी करते हुए 5 जुलाई 1999 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त उत्तमचंद्र उर्फ पप्पू दोहरे उर्फ पप्पू ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके आधार पर न्यायालय ने उसे दोषी करार दिया।
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत थाना भोगनीपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। गवाहों के सटीक बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने इसे कानून व्यवस्था मजबूत करने और अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।











