मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लोकभवन लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के सजीव प्रसारण को देखा गया।
मंत्री द्वारा अनुदेशको को प्रतीकात्मक चेक देकर किया गया सम्मानित।
जनपद के 196 अनुदेशकों को बढ़े मानदेय का मिलेगा लाभ।
अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
कानपुर देहात – मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लोकभवन लखनऊ में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों की मानदेय वृद्धि (01 अप्रैल, 2026 से ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह) के उपलक्ष्य में अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम
के सजीव प्रसारण का जनपद कानपुर देहात में इको पार्क, माती में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल, विधायक रसूलाबाद पूनम संखवार, जिलाध्यक्ष भाजपा रेणुका सचान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी कपिल सिंह,मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल एवं संबंधित अधिकारीगण, अनुदेशक व शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री द्वारा विभागीय स्टालों का अवलोकन किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। तत्पश्चात मंत्री द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पीएम विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनकी सभी उपस्थित जनों द्वारा सराहना की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी द्वारा अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मंत्री ने सर्वप्रथम मुख्यमंत्री को मानदेय बढ़ाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अनुदेशकों को बधाई दी। मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने, बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कला, खेल एवं अन्य विषयों से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह किया गया है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि जनपद कानपुर देहात के 196 अनुदेशकों को इस मानदेय वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों में कायाकल्प अभियान के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं का विकास किया गया है तथा स्कूल चलो अभियान से नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डीबीटी प्रणाली के माध्यम से छात्रों एवं अभिभावकों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी अनुदेशकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक रसूलाबाद पूनम संखवार ने अपने संबोधन में कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो सरकार की संवेदनशीलता एवं अनुदेशकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने अनुदेशकों से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की अपील की। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि शासन द्वारा बढ़ाए गए मानदेय का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा तथा अनुदेशकों को अन्य अनुमन्य लाभ भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अनुदेशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे शासन के निर्देशों एवं मार्गदर्शन के अनुरूप बच्चों को, अपना बच्चा मानकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। प्रशासन आपके सदैव साथ है। कार्यक्रम में अनुदेशकों द्वारा अपने बढें हुए मानदेय को लेकर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया । कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद,अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सर्वेश कुमार, डीसी नरेगा अशोक कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय मिश्र, सहित समस्त खंड शिक्षाधिकारी, अनुदेशकों एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।










