उरई उप कृषि निदेशक एस०के०उत्तम० ने प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना के अंतर्गत वन स्टॉप/एग्रीजंक्शन केंद्र की स्थापना के विषय में बताया कि उ०प्र० सरकार द्वारा कृषि स्नातकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश के साथ-साथ कृषि प्रसार सेवायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित कृषि युवाओं हेतु प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलम्बन योजना के अन्तर्गत 07 ग्रामीण क्षेत्र हेतु एवं 02 शहरी क्षेत्र हेतु कुल 09 एग्रीजंक्शन केन्द्र (वन स्टाप शाप) की स्थापना का लक्ष्य जनपद जालौन को निर्धारित हुआ है। एग्रीजंक्शन केन्द्र के द्वारा एक स्थान पर बीज, उर्वरक, कीटनाशी, लघु कृषि यंत्र की बिक्री एवं तकनीकी जानकारी कृषकों को उपलब्ध रहेगी। एग्रीजक्शन केन्द्र की स्थापना हेतु ऐसे इच्छुक कृषि स्नातक जिनकी उम्र अधिकतम 40 वर्ष एवं अनुसूचित जाति/जनजाति / महिलाओं को 05 वर्ष की छूट के साथ, आवेदन कर सकते है। पात्र अभ्यर्थियों में जिनकी जन्मतिथि पहले है, उन्हे वरीयता दी जायेगी। इच्छुक कृषि स्नातक/कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक/ स्नातक जो कृषि एवं सहबद्ध विषयों यथा- उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन आदि अपना आवेदन कृषि विभाग की विभागीय वेबसाइट अथवा https://agriculture.up.gov.in/Agrijunction पर दिये गए लिंक के माध्यम से ऑनलाइन किया जायेगा। आवेदन करने की अन्तिम तिथि 30 मई, 2026 निर्धारित है। इच्छुक लाभार्थी नियत दिनांक तक अपना आवेदन कर सकते हैं। योजनान्तर्गत बीज, कीटनाशक एवं उर्वरक बिक्री लाइसेंस निःशुल्क प्रदान किये जायेंगे साथ ही चयनित लाभर्थियों को 13 दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जायेगा। जनपद स्तरीय कमेटी द्वारा चयनित लाभार्थी द्वारा वन स्टाप शाप की स्थापना हेतु रू०- 3.50 लाख बैंक ऋण पर 03 वर्ष तक अग्रिम ब्याज पर 7.5% अनुदान की धनराशि अधिकतम रू0-42,000/- (रू० बयालीस हजार मात्र) की सीमा तक योजना से सीधे बैंक को भुगतान किया जायेगा, जिसे लाभार्थी के ब्याज में समायोजित किया जायेगा एवं लाभार्थी द्वारा मार्जिन मनी के रूप में रू० 72,000.00 (रू० बहत्तर हजार मात्र) स्वयं वहन/अभिदान किया जायेगा











