जनपद फर्रुखाबाद में प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार, लापरवाही एवं अनियमितताओं के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर विभिन्न तहसीलों में तैनात चार कार्मिकों के विरुद्ध गंभीर आरोपों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। यह कदम प्रशासन की पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जनपद की तहसील सदर, फर्रुखाबाद में कार्यरत राजस्व निरीक्षक विमल कुमार श्रीवास्तव को एंटी करप्शन टीम द्वारा उनके आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के दौरान उनके साथ एक अन्य व्यक्ति पवन सक्सेना उर्फ ऋषभ को भी हिरासत में लिया गया। घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय (भूलेख अनुभाग) द्वारा तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
इसी क्रम में तहसील कायमगंज में तैनात राजस्व निरीक्षक विजय पाल सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितता एवं अनुचित आचरण के संकेत मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी कायमगंज द्वारा जांच कराई गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी कार्यालय (भूलेख अनुभाग) द्वारा उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, तहसील अमृतपुर में कार्यरत लेखपाल उत्कर्ष दुबे के विरुद्ध पैमाइश कार्य में अनावश्यक विलंब एवं लापरवाही बरतने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांचोपरांत आरोपों की पुष्टि होने पर उन्हें भी निलंबित किया गया है। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी मानेंद्र सिंह को शौचालय के केयरटेकर के भुगतान को अनावश्यक रूप से लंबित रखने एवं कार्य में शिथिलता बरतने के कारण निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जनपद में भ्रष्टाचार, लापरवाही एवं कदाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को पारदर्शी, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ करें। साथ ही यह भी कहा कि जनसामान्य की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।
यह कार्रवाई न केवल संबंधित कर्मचारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि समस्त शासकीय तंत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार एवं लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












