ग्रीष्मकालीन अवकाश में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने की उठी मांग
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन भेजकर जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं गणना के कार्य में लगे बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को उपार्जित अवकाश दिए जाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष अशोक सिंह राजावत ने बताया कि जनगणना का अनिवार्य राष्ट्रीय कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में कराया जा रहा है जिसके कारण शिक्षक अपने वैध अवकाश का उपभोग नहीं कर पायेंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग वेकेशन विभाग की श्रेणी में आता है तथा प्रचलित सेवा नियमों एवं उत्तर प्रदेश फाइनेंशियल हैंडबुक के प्रावधानों के अनुसार यदि किसी शिक्षक को अवकाश की अवधि में अनिवार्य राजकीय कार्य में लगाया जाता है तो वह उस अवधि के सापेक्ष उपार्जित अवकाश का अधिकारी होता है। ग्रीष्मावकाश के दौरान उक्त कार्य में लगे शिक्षकों को उपार्जित अवकाश को दिया जाना न्यायोचित एवं नियम संगत है। संगठन के मीडिया प्रभारी पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि केवल अल्प मानदेय अथवा पारिश्रमिक देकर अवकाश के अधिकार को समाप्त करना न्यायोचित नहीं है। जनगणना कार्य के प्रति उपार्जित अवकाश प्रदान किया जाए। महामंत्री रामकुमार कटियार ने कहा
कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी पूरे वर्ष शैक्षिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हैं। शिक्षक विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन अवकाश में पारिवारिक, सामाजिक एवं व्यक्तिगत दायित्वों का निर्वहन कर पाते हैं। बीते कई वर्षों से विभिन्न शासकीय कार्य अवकाश अवधि में लगातार कराए जा रहे हैं लेकिन कार्य के बदले उपार्जित अवकाश नहीं दिया जा रहा है जबकि नियमावली में उपार्जित अवकाश का प्रावधान निहित है। अत: इसे अमल में लाया जाए।
शिक्षकों का भी तर्क है कि जब उनके अवकाश के दिनों में ड्यूटी ली जाती है तो उन्हें इसके एवज में उपार्जित अवकाश का लाभ मिलना चाहिए। संगठन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने हेतु आदेश निर्गत करने का अनुरोध किया है।












