कानपुर देहात। थाना राजपुर क्षेत्र से जुड़े एक पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अवैध रूप से हरे नीम के पेड़ को काटकर उसका परिवहन करने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है।
क्या है पूरा मामला
दिनांक 18 सितंबर 2004 को अभियुक्त रामशंकर पुत्र मोहनलाल, निवासी ग्राम मोहम्मदपुर निवादा थाना राजपुर, जनपद कानपुर देहात द्वारा हरे नीम की लकड़ी को काटकर ट्रैक्टर-ट्राली से ले जाया जा रहा था। इस संबंध में थाना राजपुर में मु0अ0सं0 126/2004, धारा 3/28 वन संरक्षण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
पुलिस की कार्यवाही
मामले की विवेचना करते हुए विवेचक ने साक्ष्यों का गहनता से संकलन किया और 20 सितंबर 2004 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई, जिसके चलते मामला न्यायालय में मजबूती से प्रस्तुत हुआ।
न्यायालय का निर्णय
माननीय न्यायालय जे0एम0 भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात ने दिनांक 08 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए आरोपी रामशंकर को दोषी करार दिया। आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर न्यायालय ने उसे जेल में बिताई गई अवधि की सजा और ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया।
साथ ही, अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में 15 दिन के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
ऑपरेशन कन्विक्शन का प्रभाव
आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों को सजा सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इस मामले में प्रभावी पैरवी की गई। यह फैसला कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












