कालपी (जालौन) — बेमौसम हुई बरसात से किसानों को हुए संभावित नुकसान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। रविवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व टीमों ने क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों का निरीक्षण कर फसलों की स्थिति का आकलन किया। वही उप जिलाधिकारी कालपी मनोज कुमार सिंह ने तहसील के बबीना गांव में जाकर फसलों का नुकसान देखा हुआ किसको से बात की!
गौरतलब हो कि शनिवार शाम अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि अधिकांश गांवों में ओलावृष्टि नहीं हुई, जिससे बड़े नुकसान से बचाव हो गया। फिर भी बारिश के चलते खरीफ फसलों को आंशिक क्षति होने की आशंका जताई जा रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए रविवार को बाकी, उकरूवा, बबीना, कुरहना, आटा, गोरा, मगरौल, खल्ला, दमरास समेत कई गांवों में टीमों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में फसलों को कुछ नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन ओलावृष्टि न होने के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं है।
उन्होंने सभी लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर क्षतिग्रस्त फसलों का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही फसल बीमा से जुड़ी संस्था एसबीआई क्रॉप इंश्योरेंस कंपनी को भी सर्वे करने और पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसीलदार अभिनव तिवारी ने बताया कि सभी राजस्व कर्मचारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर किसानों से संवाद करने और फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो भी रिपोर्ट तैयार होगी, उसे शासन को भेजा जाएगा, ताकि किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।












