किताबों की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को डीएम ने दिए निर्देश ।

 

एक ही दुकान से खरीद की बाध्यता खत्म, एमआरपी से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

जालौन नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही निजी एवं कॉन्वेंट विद्यालयों में पुस्तक क्रय को लेकर प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए व्यवस्था को पारदर्शी और अभिभावक हितैषी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय द्वारा अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य न करें और ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। कुछ बुक स्टोर पर पुस्तकों के मुद्रित मूल्य (एमआरपी) से अधिक राशि ली जा रही है। इसे अनुचित बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रकार की शिकायतों का तत्काल परीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाए, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाया जा सके। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए तहसील स्तर पर संयुक्त समितियों का गठन किया गया है, जिनमें उप जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक एवं खंड शिक्षा अधिकारी शामिल रहेंगे। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों एवं बुक स्टोर्स की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगी कि कहीं भी अनियमितता न हो और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हों। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी एवं अनुमोदित पुस्तकों की सूची अभिभावकों को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे अपनी सुविधा अनुसार किसी भी स्थान से पुस्तकें क्रय कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त निरीक्षण नियमित रूप से संचालित किए जाएं और उनकी साप्ताहिक आख्या प्रस्तुत की जाए, ताकि व्यवस्था की सतत निगरानी बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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