कानपुर देहात जिला कृषि रक्षा अधिकारी राम नरेश द्वारा आज अपने कार्यालय परिसर में समस्त कीटनाशक विक्रेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि भवन, नई दिल्ली द्वारा संचालित एकीकृत कीटनाशी प्रबंधन प्रणाली (IMPS) पोर्टल के सफल संचालन एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना रहा। बैठक के दौरान जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने उपस्थित विक्रेताओं को IMPS पोर्टल के उद्देश्य, उपयोगिता एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल कीटनाशकों के निर्माण, वितरण, बिक्री एवं उपयोग से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से कीटनाशक विक्रेताओं का पंजीकरण, लाइसेंस से संबंधित प्रक्रियाएं, स्टॉक की निगरानी तथा विक्रय से संबंधित विवरणों का ऑनलाइन संधारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि IMPS पोर्टल के उपयोग से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, जिससे नकली एवं अवैध कीटनाशकों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही, किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे फसलों की सुरक्षा एवं उत्पादन में वृद्धि संभव हो सकेगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी कीटनाशक विक्रेताओं के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने हेतु विभाग द्वारा तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूर्ण करें तथा नियमित रूप से अपने स्टॉक एवं बिक्री का विवरण अद्यतन करते रहें। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कहा कि यह प्रणाली शासन की मंशा के अनुरूप कृषि क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने तथा किसानों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी विक्रेताओं से अपेक्षा की कि वे इस पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम तिथि तक पंजीकरण न करने वाले विक्रेता का कीटनाशी लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। बैठक के अंत में उपस्थित विक्रेताओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें पोर्टल के उपयोग से संबंधित व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।










