डीएम की अध्यक्षता में सतर्कता समिति की बैठक खाद्य व औषधि गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस के निर्देश
जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित अधिकारियों को जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह ने अवगत कराया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत मिलावटखोरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। न्यायालय द्वारा कुल 35,16,250 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। साथ ही, दूध में मिलावट के दोषी पाए गए 03 व्यक्तियों को 06-06 माह के कारावास एवं 03-03 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 376 खाद्य नमूने लिए गए, जिनमें से 89 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इन मामलों में 71 मुकदमे न्यायालय में दायर किए गए, जिनमें से 59 मामलों में मिलावटी खाद्य पदार्थ विक्रेताओं पर अर्थदंड लगाया गया। औषधि निरीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि वर्ष के दौरान 208 मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 213 नमूने संग्रहित किए गए, जिनमें 05 नमूने अधोमानक पाए गए हैं। इन प्रकरणों में भी न्यायालय में वाद दायर कर कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि संचालित समस्त मेडिकल स्टोरों को जीएसटी पंजीकरण के दायरे में लाते हुए पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए जूस एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के केमिकल के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाजार में बिक रहे दूध, फल, सब्जी, मसाले, बेसन व खाद्य तेल की नियमित सैंपलिंग कराई जाए तथा मिलावटखोरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। थोक व फुटकर विक्रेताओं पर निरंतर निगरानी रखते हुए उपभोक्ताओं को सुरक्षित व शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित वादों में प्रभावी पैरवी कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा अधिरोपित जुर्मानों की शत-प्रतिशत वसूली कराई जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीरेन्द्र सिंह, अभिहित अधिकारी, औषधि निरीक्षक, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।













