उरई — जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिले के सभी गौ-आश्रय स्थलों में चारे की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त आदेश दिए हैं। शासनादेश (20 मार्च 2026) के अनुपालन में अब हर गो-आश्रय स्थल पर न्यूनतम 10 कुंतल भूसा आरक्षित स्टॉक के रूप में रखना होगा।
भूसा भंडारण हेतु ऊँची भूमि पर सुरक्षित गोदाम/शेड बनाने, हवादारी व अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था करने और स्टॉक रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। दान में मिले चारे की अलग स्टॉक बुक भी रखनी होगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व उपजिलाधिकारी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आपदा या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में गोवंश को असुविधा से बचाने के लिए उठाया गया है।






