भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुखसौरा में 5 दिवसीय बौद्ध कथा का आयोजन 21 जनवरी से 25 जनवरी तक ग्राम वासियों द्वारा किया जा रहा है जिसमें मुख्य रूप से कथा वाचिक अर्चना बौद्ध द्वारा भगवान बौद्ध की शिक्षा और बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के बताए गए रास्ते पर चलने के लिए कहा गया कथा के दौरान कथा वाचिक ने कहा कि भगवान बौद्ध के पांच प्रमुख सिद्धांत है जिन्हें बौद्ध पंचशील कहा जाता है पंचशील मनुष्य को नैतिक, शांत और करुणामय जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। ये सामाजिक सद्भाव और आत्मिक शुद्धि का मार्ग बताते हैं। बौद्ध धर्म में इन्हें जीवन की नींव माना जाता है।
जिनमें उन्होंने कहा कि बौद्ध पंचशील हमे नशीले पदार्थों का सेवन न करने किसी भी जीव की हत्या न करने आदि के बारे बताया ।
उन्होंने प्रमुखता के साथ कहा कि दलित पिछड़े वर्ग को शिक्षा के क्षेत्र में जागरूक होकर अपने बच्चों को शिक्षा जरूर ग्रहण करवाना चाहिए जिससे आगे चलकर उनका बच्चा डाक्टर इंजीनियर कलेक्टर आदि बनकर देश की तरक्की में अपना योगदान दे और कहा भगवान बौद्ध और बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने हमे ऐसा मार्ग दिखाया है जो हमें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है अशिक्षित से शिक्षित की ओर ले जाता उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति बौद्ध पंचशील अपना ले और उसके अनुसार जीवन जिए तो वो सभी कष्टों से दूर हो जाएगा इस दौरान मौजूद रहे आयोजकगण डॉ अमित विष्णु कांत रोहित कुमार रविन्द्र कुमार गौतम कुमार अजय कुमार वरुण कुमार कुलदीप कुमार अजहर खान दीपू यादव शिवम कुमार राम करन शशिकांत अंकित पाल अजय सिंह पाल कुलदीप संखवार गजेंद्र पाल सहित सैकड़ों ग्राम एवं क्षेत्र वासी मौजूद रहे













