कानपुर देहात में टूटते परिवारों को जोड़ने और आपसी कलह को समाप्त करने के लिए संचालित ‘प्रोजेक्ट नई किरण’ एक बार फिर वरदान साबित हुआ है। मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण के तहत पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के कुशल निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस सार्थक प्रयास के चलते सात परिवारों में सुलह हुई और पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद समाप्त हो गए।
52 मामलों की हुई सुनवाई, काउंसलिंग से बनी बात
रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 52 पारिवारिक विवाद के मामले सामने आए। प्रोजेक्ट नई किरण की टीम ने दोनों पक्षों की दलीलों को बेहद धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें साथ रहने के फायदों व कानूनी उलझनों के नुकसान समझाए। गहन काउंसलिंग और सदस्यों की सूझबूझ के बाद 07 जोड़ों ने अपनी पुरानी कड़वाहट को भुलाकर आपसी सहमति से साथ रहने का फैसला किया। समझौते के बाद ये सभी जोड़े खुशी-खुशी अपने घर रवाना हुए। जिन मामलों में सहमति नहीं बन सकी, उन्हें अगली सुनवाई के लिए भविष्य की तिथियां दी गई है।।
प्रोजेक्ट नई किरण का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को टूटने से बचाना है जो छोटी-छोटी गलतफहमियों या विवादों के कारण अलगाव की कगार पर पहुंच जाते हैं। पुलिस और सामाजिक सदस्यों का यह संयुक्त प्रयास न केवल कानूनी बोझ को कम करता है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाता है।
इन अधिकारियों और सदस्यों का रहा विशेष योगदान
इस सफल आयोजन में थानाध्यक्ष सुषमा, महिला उपनिरीक्षक ज्योति राज, महिला हेड कांस्टेबल जयमाला, महिला कांस्टेबल कु0 रीनू, शालू, रंजना सोनकर और पिंकी देवी (महिला सहायता प्रकोष्ठ) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, प्रोजेक्ट नई किरण के सम्मानित सदस्य रामप्रकाश और कंचन मिश्रा ने भी काउंसलिंग के माध्यम से परिवारों को जोड़ने में विशेष सहयोग दिया।













