तालाबों को नहरों, नलकूपों या वर्षा जल संचयन के अन्य माध्यमों से तत्काल भरने की व्यवस्था की जाए सुनिश्चित
विकास खंड में रखरखाव के अभाव में अमृत सरोवर सूखा पाया गया या वहां गंदगी मिली, तो संबंधित अधिकारी कार्यवाही के लिए रहे तैयार: मुख्य विकास अधिकारी
कानपुर देहात मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या और गिरते भूगर्भ जल स्तर को देखते हुए अमृत सरोवर में जल संग्रहण किये जाने के सम्बन्ध में विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक की गयी । बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में निर्मित ‘अमृत सरोवरों’ में जल संग्रहण की स्थिति का जायजा लेना और गर्मी के दौरान उन्हें सूखने से बचाने के लिए रणनीति तैयार करना था। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अमृत सरोवरों में जल स्तर कम हो गया है, उन्हें साथ ही ग्राम पंचायतों में अन्य तालाबों को नहरों, नलकूपों या वर्षा जल संचयन के अन्य माध्यमों से तत्काल भरने की व्यवस्था की जाए साथ ही ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए मनरेगा के माध्यम से सरोवरों की सिल्ट निकालने के निर्देश दिए गए ताकि उनकी जल धारण क्षमता में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी विकास खंड में रखरखाव के अभाव में अमृत सरोवर सूखा पाया गया या वहां गंदगी मिली, तो संबंधित खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सरोवरों में जल स्तर 25% से कम है, उन्हें स्थानीय संसाधनों (नहर/सरकारी बोरिंग) के माध्यम से प्राथमिकता पर भरा जाए एवं जल प्रवाह में बाधा डालने वाले कचरे और मलबे को 03 दिनों के भीतर साफ कराया जाए। बैठक में उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।









