कानपुर देहात – जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन में आज तहसील अकबरपुर परिसर में हीट वेव, अग्निकांड एवं सर्पदंश से सुरक्षा व बचाव विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य समुदाय स्तर पर कार्यरत आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा स्वयं सहायता समूहों की समूह प्रमुख महिलाओं को आपदा की स्थिति में त्वरित, सही एवं प्रभावी प्राथमिक सहायता प्रदान करने हेतु सक्षम बनाना रहा।
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों द्वारा हीट वेव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, लू लगने के लक्षण एवं प्राथमिक उपचार, अग्निकांड की स्थिति में बचाव के उपाय, आग लगने पर सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) की प्रक्रिया तथा सर्पदंश की स्थिति में घबराहट से बचते हुए अपनाए जाने वाले वैज्ञानिक प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को बताया गया कि भीषण गर्मी के दौरान अधिक से अधिक पानी का सेवन, धूप में निकलने से परहेज, सिर ढककर बाहर निकलना तथा बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। अग्निकांड की स्थिति में बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, गैस सिलेंडर की नियमित जांच, तथा आग लगने पर तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ-साथ घबराए बिना सुरक्षित स्थान पर जाने के उपाय बताए गए।
सर्पदंश के संबंध में यह स्पष्ट किया गया कि झाड़-फूंक या मिथकों पर विश्वास न करते हुए पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना ही सबसे प्रभावी उपाय है। प्रभावित अंग को स्थिर रखना, टॉर्निकेट न बांधना तथा घाव को काटने-चूसने जैसी गलतियों से बचने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित महिलाओं को यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपने-अपने ग्राम एवं मोहल्लों में जाकर इस महत्वपूर्ण जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे आमजन को समय रहते सही जानकारी मिल सके और आपदा की स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
कार्यक्रम में तहसीलदार पवन कुमार, आपदा विशेषज्ञ अश्वनी वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से डॉक्टर यतेंद्र शर्मा, अग्निशमन विभाग की टीम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे तथा प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण पहल बताया।









