रसूलाबाद कानपुर देहात। शिक्षक से ही समाज के सुधार की शुरुआत होती है। शिक्षकों को चाहिए कि अपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें तभी क्षेत्र और देश की तरक्की होगी। यह बात सेवानिवृत्त होने पर प्रधनाचार्य वीरभान सिंह ने कही।
कहिंजरी स्थित जनता इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य वीरभान सिंह के सेवानिवृत्त होने पर गुरुवार को विदाई समारोह का आयोजन किया गया। उस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।कई छात्र अपने प्रधानाचार्य से लिपटकर रोने लगे। कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक रहा—कई शिक्षकों के गले रुंध गए और उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े। विदाई समारोह में वित्तविहीन शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव वीरभान सिंह ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए विद्यालय परिवार के सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और स्टाफ के साथ मिलकर काम करना उनके लिए गर्व की बात रही। उन्होंने कहा वर्ष 1991 में उनकी शिक्षक के रूप में कॉलेज में तैनाती हुई थी। तब से लगातार कॉलेज हित मे उन्होंने कार्य किया। 2009 में वे प्रधानाचार्य बने और 2026 में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों की लड़ाई वे लड़ते रहेंगे। शिक्षकों ने पूर्व प्रधानाचार्य को धार्मिक पुस्तकें सहित विभिन्न उपहार भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान को सराहा। इस मौके पर कॉलेज में नए प्रधानाचार्य के रूप में दयाशंकर त्रिपाठी ने पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि उनका मार्गदर्शन हम सभी को हमेशा मिलता रहेगा।
कार्यक्रम में अरविंद शुक्ला, बृजमोहन सिंह, विनोद गुप्ता, अवधनाथ त्रिपाठी, महावीर द्विवेदी, दयाशंकर त्रिपाठी, अनिल बाजपेई, मनोज शुक्ला, नवीन चतुर्वेदी, संदीप अवस्थी, बृजेश अवस्थी, उमेश द्विवेदी, सुनील मिश्रा, दिनेश मिश्रा, मनोज राठौर, ऋषिकांत तिवारी, सौरभ मिश्रा, इंद्रजीत सिंह, कैलाश पाल, जगदीश सिंह रहे।









