कानपुर देहात अपर जिला जज/एफटीसी प्रथम कानपुर देहात हिमांशु कुमार सिंह एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नूपुर श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति में जिला कारागार, कानपुर देहात में निरुद्ध बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने हेतु संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दीक्षालय फाउंडेशन, कानपुर द्वारा विगत चार माह से संचालित किया जा रहा था, जिसका उद्देश्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करना एवं उन्हें स्वरोजगार के योग्य बनाना है। कार्यक्रम के दौरान 20 महिला बंदियों को सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर तथा 40 पुरुष बंदियों को इलेक्ट्रीशियन कोर्स पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। न्यायिक अधिकारियों द्वारा सभी प्रशिक्षित बंदियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर अपर जिला जज एवं डीएलएसए सचिव ने जिला कारागार प्रशासन एवं दीक्षालय फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बंदियों के पुनर्वास हेतु इस प्रकार की पहलें समाज के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने कारागार अधीक्षक धीरज कुमार सिन्हा, जेलर डॉ. विजय कुमार पांडेय, डिप्टी जेलर डॉ. राजेश कुमार तथा दीक्षालय फाउंडेशन के प्रबंधक एवं कौशल विकास प्रभारी अनुराग त्रिवेदी की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके समर्पित प्रयासों से बंदियों को एक नई दिशा मिल रही है। कार्यक्रम में कारागार अधीक्षक धीरज कुमार सिन्हा, प्रभारी कारापाल डॉ. राजेश कुमार, दीक्षालय फाउंडेशन के प्रबंधक अनुराग त्रिवेदी सहित कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे तथा सभी ने इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।











