कालपी (जालौन) — कालपी तहसील क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कालपी तहसील के महेवा विकास खंड के ग्राम मदारपुर कीरतपुर हीरापुर देवकली मगरोल गुढ़ा खास शेखपुर गुढ़ा नरहान पड़री महेवा एवं कदौरा ब्लाक के दर्जनों गांवों में खड़ी गेहूं, सरसों व चना की फसलें तेज हवा और बारिश के कारण जमीन पर गिरकर बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
शनिवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलें तेज हवा का दबाव सहन नहीं कर सकीं और बड़ी मात्रा में गिर गईं। कई स्थानों पर पानी भर जाने से फसलें सड़ने का भी खतरा बढ़ गया है।
किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई का दौर चल रहा था, लेकिन अचानक आए इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत चौपट कर दी। छोटे और सीमांत किसान सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जिनकी पूरी आजीविका खेती पर निर्भर है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आंकलन किया जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।
इस प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा रही है और वे सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे











