एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर बस-2 का लोकार्पण, डिजिटल साक्षरता व साइबर जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

 

डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करेगी-एकल भारत लोक शिक्षा परिषद

ग्रामीण व दुरस्त क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा

 

कानपुर देहात  अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, आलोक सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन (एकल कानपुर चैप्टर) द्वारा संचालित एवं फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड द्वारा वित्तपोषित “एकल ऑन व्हील्स कंप्यूटर बस-2” का लोकार्पण रनिया स्थित फैक्ट्री परिसर से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के प्रवर्तक निदेशक कुंदन लाल भाटिया एवं एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के प्रेसीडेंट डॉ0 ए0एस0 प्रसाद उपस्थित रहे। सभी अतिथियों द्वारा फीता काटकर एवं हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने अपने संबोधन में इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन द्वारा संचालित “कंप्यूटर ऑन व्हील्स” जैसी पहलें ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 52 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है और आज एक और बस जुड़ने से यह प्रयास और सशक्त हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी बच्चों एवं युवाओं को दी जानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यदि प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग एवं साइबर कानूनों की जानकारी दी जाए, तो समाज को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने सभी संस्थाओं एवं नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर डिजिटल सशक्तिकरण के साथ-साथ साइबर जागरूकता को भी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “एकल ऑन व्हील्स” केवल एक बस नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए अवसरों का द्वार है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के पारंपरिक स्वरूप को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक नई दिशा प्रदान कर रही है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आज के युग में डिजिटल ज्ञान ही वास्तविक सशक्तिकरण का आधार है और इस प्रकार की मोबाइल शिक्षा इकाइयाँ उन बच्चों तक भी ज्ञान पहुंचा रही हैं, जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं पहुंच पाते। उन्होंने प्रशासन की ओर से इस प्रकार की पहलों को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा इसे “समावेशी विकास” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए शिक्षा सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का एक जागरूक नागरिक भी किसी एक वंचित बच्चे को सही मार्गदर्शन दे दे, तो उसके जीवन की दिशा बदल सकती है। उन्होंने बच्चों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन एवं जागरूकता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें बच्चों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाती हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बच्चों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं की जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जाए, जिससे वे स्वयं एवं समाज की सुरक्षा में योगदान दे सकें। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास एवं मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को दी जा रही शिक्षा के प्रभाव का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशिक्षण के बाद उनके जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं को अन्य विकास कार्यक्रमों से जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के प्रवर्तक निदेशक कुंदन लाल भाटिया ने कहा कि उनकी कंपनी अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ग्रामीण उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रही है और आगे भी इस दिशा में सहयोग जारी रखा जाएगा। एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के प्रेसीडेंट डॉ0 ए0एस0 प्रसाद ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “यदि बच्चे विद्यालय नहीं आ सकते, तो विद्यालय को बच्चों तक पहुंचना होगा।” उन्होंने बताया कि एकल की विचारधारा इसी सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अंतर्गत मोबाइल कंप्यूटर बसों के माध्यम से ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्रों के बच्चों को डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इस बस में 8 लैपटॉप के माध्यम से एक समय में 16 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा तीन माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत उन्हें कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। प्रतिदिन दो गांवों में सुबह एवं शाम की पाली में बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बस में विद्युत आपूर्ति हेतु सोलर पैनल की व्यवस्था की गई है, जिससे यह पहल पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल भी है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं आयुषी, कीर्ति एवं कृतिका द्वारा एकल ऑन व्हील्स के माध्यम से दी जाने वाली शिक्षा का सजीव प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को इस पहल की उपयोगिता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में इस अभियान के अंतर्गत 52 बसें संचालित हैं और आज एक नई बस के जुड़ने से यह अभियान और अधिक व्यापक हो गया है। “एकल ऑन व्हील्स” डिजिटल साक्षरता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है, जो आने वाले समय में ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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