आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर जालौन स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

  विकास भवन सभागार में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और राजस्व कर्मियों को सिखाए गए आपदा प्रबंधन के गुर

जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार, आज विकास भवन सभागार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) विषय पर एक दिवसीय वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सदस्यों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स जैसे राजस्व निरीक्षक, अमीन और लेखपालों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) द्वारा की गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आपदाएं अनपेक्षित होती हैं, लेकिन यदि हम पूर्व से ही जागरूक और प्रशिक्षित हों, तो जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करते हुए बचाव के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। जिला आपदा विशेषज्ञ अचल श्रीवास्तव ने जालौन जनपद की भौगोलिक स्थिति के अनुसार आपदाओं के प्रकार, राज्य में घोषित आपदाओं व उनकी संवेदनशीलता के साथ-साथ राहत सहायता दिये जाने के सरकारी मानकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आपदा जोखिम प्रबंधन में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को रेखांकित किया व बताया कि जमीनी स्तर पर महिलाएं कैसे एक प्रभावी प्रशिक्षक एवं ‘‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर‘‘ की भूमिका निभा सकती हैं।
अग्निशमन अधिकारी चन्द्रशेखर यादव ने आगजनी जैसी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों का प्रयोगात्मक ज्ञान साझा किया। चिकित्साधिकारी डॉ. टी.एस. नन्द ने ‘बेसिक लाइफ सपोर्ट‘ (BLS) के तहत सीपीआर और प्राथमिक उपचार के तरीकों का प्रदर्शन किया, ताकि अस्पताल पहुँचने से पूर्व घायल की जान बचाई जा सके। उनके द्वारा सर्पदंश से बचाव हेतु जहरीले सांपों की पहचान व प्राथमिक उपचार के गुर सिखाए गए। आपदा सखी कृषिका राजे ने आपदा के दौरान फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रुप में आपदा मित्र व राज्य आपदा मोचन बल की उपयोगिता का उल्लेख किया।
प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री का वितरण करते हुये प्रतिभागियों को आपदाओं के दौरान ‘क्या करें और क्या न करें‘ की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया, जिसमें सभी ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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