गरीबों, अनाथों की सेवा ही सच्ची समाज सेवा है,- विवेक

 

कालपी (जालौन) गरीबों, अनाथों, विकलांगों तथा साधु – संतों को निःशुल भोजन कराना तथा उनके विश्राम करने की व्यवस्था से मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मैने कोई बहुत बड़ा पुण्य का कार्य किया हो मै मानव सेवा को ही सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा व समाज सेवा समझता हूं ।
उक्त प्रेरणास्पद विचार नगर के मुहल्ला रामगंज वार्ड सं० 21की सभासद वंदना दीक्षित के प्रतिनिधि समाजसेवी विवेक दीक्षित (भीलू महाराज) ने व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे बड़ा धर्म है मानव सेवा करना जब समाज मे मानव भूखा सोयेगा , संत भूख से तड़पेगा तब कैसे वह समाज अच्छी हो सकती है हम सबको मिलकर यह प्रयास करना चाहिए कि समाज के पीड़ित लोगों की सहायता की जाये ।
ग्यातव्य हो कि विवेक दीक्षित वर्तमान मे अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा नगर इकाई कालपी के कोषाध्यक्ष की भूमिका भी अदा कर रहे हैं ।हाल ही मे ब्राम्हण महासभा द्वारा आयोजित ब्राम्हण बटुकों का शुभ यग्योपवीत (जनेऊ) संस्कार मे भी बढ़ चढ़ कर योगदान किया उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय मे शीघ्र ही गरीब कन्याओं के विवाह का भी आयोजन एवं भगवान परशुराम जी के मंदिर का निर्माण कराने की बात कही और कहा कि संभव हुआ तो भगवान परशुराम जी के निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम अक्षय तृतीया दि० 19 अप्रैल 2026 को कराया जाना भी सुनिश्चित हो सकता है ।

 

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें