कानपुर देहात राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशन एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के मार्गदर्शन में कानपुर देहात स्थित जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को विधिक रूप से जागरूक करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कानपुर देहात द्वारा एक विस्तृत विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएलएसए की सचिव नूपुर श्रीवास्तव द्वारा जिला कारागार का औचक निरीक्षण भी किया गया।निरीक्षण के दौरान सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने किशोर, वयस्क पुरुष एवं महिला बंदियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने बंदियों को उनके अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं न्यायिक प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि विधिक सेवा प्राधिकरण उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कानपुर देहात के अध्यक्ष न्यायाधीश रविंद्र सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। निरीक्षण के दौरान सचिव ने कारागार की विभिन्न व्यवस्थाओं—जैसे खान-पान, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा, स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं—का जेल मैनुअल के अनुरूप गहनता से परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागार की व्यवस्थाएं संतोषजनक एवं व्यवस्थित पाई गईं। बंदियों द्वारा भी किसी प्रकार की शिकायत प्रस्तुत नहीं की गई, जिस पर सचिव ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिला कारागार के अधीक्षक धीरज कुमार सिन्हा, जेलर डॉ. विजय कुमार पांडेय, डिप्टी जेलर डॉ. राजेश कुमार, कारागार के चिकित्सकों एवं शिक्षकों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उन्हें व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके उपरांत जिला कारागार परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सचिव द्वारा बंदियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विधिक विषयों—जैसे निःशुल्क विधिक सहायता, जमानत संबंधी प्रावधान, अधिकारों की जानकारी एवं न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया—के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, निरक्षर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शिविर के दौरान बंदियों को यह भी बताया गया कि वे किसी भी प्रकार की विधिक समस्या के समाधान हेतु डीएलएसए से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें त्वरित सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें न्याय की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक धीरज कुमार सिन्हा, जेलर डॉ. विजय कुमार पांडेय, डिप्टी जेलर डॉ. राजेश कुमार, अधिवक्ता मंजू गुप्ता, डीएलएसए कर्मचारी पुष्पेंद्र कुमार सहित अन्य कारागार अधिकारी, कर्मचारी, चिकित्सक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।






