डेरापुर कानपुर देहात कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सदस्य सगीर अहमद डेरापुर में रोजा के बारे में इस रमजान के महीने में पवित्र ईद जैसे त्योहार पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि रमजान मास के नव पाक रोजा 19 फरवरी से चांच दिखाने के बाद हर मुसलमान ने इस्लाम धर्म को मानते हुए एक महीने के रोजा का संकल्प लिया है इसके बाद एक महीने के अंतराल के बाद अगले चैत के महीने में शुक्ल पक्ष की द्वितीया को जब चांद दिखेगा तभी ईद मनाई जाएगी अगर द्वितीय को चांद नहीं दिखता है तो अगले दिन जब चांद दिखेगा तब ईद मनाई जाएगी इसके लिए हर बालिग मुसलमान के लिए जरूरी है कि वह रमजान तरबीह को अदा करें और पांच वक्त की नमाज़ पढ़े यह महीना हमें सब्र पवित्र आपसी भाईचारा अमन तो मोहब्बत का पैगाम देता है रोजा का अर्थ हमें केवल भूखा प्यासा रहना ही नहीं बताता है यह हमें बुराई से अच्छाई की ओर की तालीम देता है और यह पवित्र त्यौहार हिंदू धर्मा लंबियों की तरह सर्वे भवंतु सुखना सर्वे संत निरामया की तालीम से ओत्प्रोत करता है इसमें न बुरा कहो ना बुरा सुनो और अपने ईमान को साफ रखो इंसान पर दयालुता का भाव रखो वह किसी भी धर्म जाति या वर्ण का हो मालूम हो कि हमारी ईद का पवित्र पर्व जब मनाया जाएगा उस समय हिंदू धर्म की चैत नवरात्र का पवित्र दिन ही होगा इसलिए हमारे धर्म हमारे मजहब और हिंदू धर्म के लोगों का लगभग ईश्वर और अल्लाह से मिलने का कोई रास्ता अलग-अलग हो सकता है लेकिन दोनों एक ही है इन्हें हम खुदा भगवान कुछ भी मने यही हमारे परमपिता हैंडमेड सब उनकी संतान हैं पर्व कहता नेक बनो एक रहो।











