डेरापुर में गोवंश आश्रय स्थलों पर जिलाधिकारी का सख्त एक्शन, 12 अधिकारियों की टीम से 21 बिंदुओं पर औचक जांच, कमियों पर एक सप्ताह में सुधार व कार्रवाई के निर्देश

 

 

कानपुर देहात  तहसील डेरापुर में बीते शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस के पूर्ण होने के उपरांत जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा तहसील डेरापुर क्षेत्र में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लेने हेतु सख्त कदम उठाए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर डेरापुर क्षेत्र के कुल 12 गोवंश आश्रय स्थलों में औचक निरीक्षण एवं जांच के लिए 12 अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम द्वारा निर्धारित 21 बिंदुओं पर स्थलीय निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में संबंधित अधिकारियों को अलग-अलग ग्रामों में नामित करते हुए जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके अंतर्गत ग्राम कुढावल में जिला पंचायत राज अधिकारी, ग्राम जलिहापुर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ग्राम मुंडेरा किन्नर सिंह में जिला पूर्ति अधिकारी, ग्राम खल्ला में उपायुक्त मनरेगा, ग्राम कमालपुर में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, ग्राम सिठमरा में जिला बाल विकास एवं पुष्टाहार अधिकारी, ग्राम नंदपुर में जिला कृषि अधिकारी, ग्राम इन्द्रुख में जिला पूर्ति अधिकारी, ग्राम बचीतपुरवा में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, ग्राम हारामऊ में जिला समाज कल्याण अधिकारी, ग्राम नुनारी बुजुर्ग में जिला सेवायोजन अधिकारी तथा ग्राम बनिपारा महाराज में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 21 बिंदुओं पर विशेष रूप से जांच की गई, जिनमें गोवंशों की वास्तविक संख्या, ईयर टैगिंग की स्थिति, भूसा एवं हरे चारे की उपलब्धता, चोकर की स्थिति, नादों की व्यवस्था, पीने के पानी की उपलब्धता व स्वच्छता, परिसर की साफ-सफाई, टीकाकरण की स्थिति, जल भराव की समस्या, विद्युत व्यवस्था एवं प्रकाश की स्थिति, कार्यरत कर्मचारियों के नाम व मोबाइल नंबर, बाउंड्री वॉल की स्थिति, स्टॉक पंजिका एवं अन्य पंजिकाओं का संधारण, आश्रय स्थल तक पहुंच मार्ग की स्थिति, हरे चारे की उपलब्धता का स्रोत, बीमार पशुओं की संख्या, मृत पशुओं के दफन स्थल की स्थिति, ग्राम प्रधान का नाम व मोबाइल नंबर तथा ग्राम पंचायत अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे। जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुछ गोवंश आश्रय स्थलों पर भूसा, हरा चारा, चोकर, साफ-सफाई तथा विशेष रूप से हरे चारे की उपलब्धता के स्रोत का अंकन। एवं स्टॉक पंजिका के संधारण में कमी पाई गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां-जहां भूसा, हरा चारा, चोकर एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कम पाई गई हैं, वहां तत्काल शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण में पाई गई सभी कमियों को एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता बरतने वाले दोषी5 व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी डेरापुर, अध्यक्ष तहसील स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति गोवंश आश्रय स्थल तहसील डेरापुर, खंड विकास अधिकारी डेरापुर तथा झींझक, अध्यक्ष विकासखंड स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति गोवंश आश्रय स्थल को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित सभी गोवंश आश्रय स्थलों का नियमित एवं औचक निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने सभी गोवंश आश्रय स्थलों में ईयर टैगिंग, भूसा, हरा चारा, चोकर, पीने के पानी, साफ-सफाई, टीकाकरण, जल निकासी, विद्युत व्यवस्था, बाउंड्री वॉल, स्टॉक पंजिका एवं अन्य आवश्यक पंजिकाओं का रखरखाव शासन के निर्देशों के अनुरूप शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा गोवंश संरक्षण से जुड़े कार्यों में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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