कानपुर देहात वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने हेतु
महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला स्तर पर एक दिवसीय जनपदीय कार्यशाला का आयोजन विकास भवन स्थित सभागार कक्ष में किया गया। यह कार्यशाला बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास विषय पर केंद्रित थी, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश सरकार की तैयार कार्ययोजना के क्रियान्वयन, बाल श्रम मुक्ति अभियान को गति प्रदान करना तथा प्रभावित बालकों के पुनर्वास एवं मुख्यधारा में एकीकरण सुनिश्चित करना है। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी जनपद कानपुर देहात श्री कपिल सिंह महोदय ने की। पुलिस पक्ष से पुलिस अधीक्षक महोदया जनपद कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने सक्रिय रूप से भाग लिया एवं अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में श्रम विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस सहित अन्य विभागों के पदाधिकारी व संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी पक्षों ने बाल श्रम की समस्या के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें बाल श्रम पहचान, बचाव, पुनर्वास, कानूनी कार्रवाई तथा जागरूकता अभियान शामिल थे। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है तथा पुलिस विभाग इस दिशा में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगा और थाना स्तर पर नियमित छापेमारी, सूचना आधारित कार्रवाई तथा बाल श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जायेगी। पुलिस विभाग की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया तथा कहा गया कि कानून प्रवर्तन में पुलिस की सक्रियता इस अभियान की रीढ़ है। कार्यशाला में बाल श्रम उन्मूलन हेतु तैयार कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई तथा आगामी रणनीति पर सहमति बनी।
पुलिस विभाग इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनपदवासियों से अपील की जाती है कि बाल श्रम की किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस सहायता 112 या निकटतम थाने में दें।











