ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव एवं जनजागरूकता का रहा मुख्य उद्देश्य
मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से प्रशासनिक तंत्र की तत्परता को मजबूत करना एवं नागरिकों को आपदा के समय सजग बनाना : जिलाधिकारी
कानपुर देहात 
माननीय मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पराक्रम दिवस के अवसर पर जनपद कानपुर देहात में आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से एक वृहद ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल अकबरपुर महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज), अकबरपुर परिसर में जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा कपिल सिंह की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य युद्धकालीन अथवा किसी भी आपात स्थिति में जान-माल की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक तंत्र, नागरिक सुरक्षा एवं विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना तथा आमजन को आपदा के समय सतर्क, अनुशासित एवं सजग बनाना रहा। इस अवसर पर नागरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन, परिवहन, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों द्वारा समन्वित रूप से व्यवहारिक अभ्यास किया गया।
सायं ठीक 06.00 बजे खतरे का सायरन (ॅंपसपदह ज्वदम) बजते ही निर्धारित क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बंद कर दी गई। जिलाधिकारी ने स्वयं अकबरपुर डिग्री कॉलेज परिसर में उपस्थित रहकर संपूर्ण कार्यवाही की निगरानी की। सायरन बजते ही नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों एवं वार्डनों ने अपनी-अपनी चौकियों पर मोर्चा संभाल लिया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी स्थान से प्रकाश की किरण बाहर न दिखाई दे। सड़कों पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स बंद कराकर यातायात नियंत्रण का भी अभ्यास किया गया, जिससे वास्तविक आपात स्थिति का अनुभव हो सके। मॉक ड्रिल के दौरान प्राथमिक चिकित्सा (थ्पतेज ।पक), अग्निशमन एवं बचाव कार्यों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। स्वयंसेवकों द्वारा गलियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर नागरिकों को घरों के भीतर रहने, लाइटें बंद रखने, अफवाहों से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। आमजन को यह भी बताया गया कि ब्लैकआउट का उद्देश्य केवल लाइट बंद करना नहीं, बल्कि शत्रु विमानों अथवा मिसाइलों के लिए लक्ष्य की पहचान को असंभव बनाना होता है। मॉक ड्रिल के समापन पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों, नागरिक सुरक्षा कर्मियों, आपदा मित्रों, होमगार्ड, एनसीसी, पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से प्रशासनिक तंत्र की तत्परता को मजबूत करना एवं नागरिकों को आपदा के समय मानसिक रूप से तैयार करना उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा का मूल मंत्र निष्काम सेवा है तथा आधुनिक समय में शहरों की सुरक्षा भी सीमाओं जितनी ही महत्वपूर्ण है। मॉक ड्रिल के दौरान सायरन सिस्टम, संचार व्यवस्था एवं स्वयंसेवकों की प्रतिक्रिया समय संतोषजनक पाया गया। सायं 06.30 बजे ऑल क्लियर सायरन बजने के साथ ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई और मॉक ड्रिल का औपचारिक समापन हुआ। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पाण्डेय, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिखा संखवार, उप जिलाधिकारी अकबरपुर नीलिमा यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, परिवहन अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ, होमगार्ड कमाण्डेंट, ईओ अकबरपुर, आपदा विशेषज्ञ लखन कुमार शुक्ला एवं अश्वनी वर्मा सहित पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, विद्युत विभाग, अग्निशमन एवं आपदा सेवा, स्वास्थ्य, पशुपालन, शिक्षा विभाग, पीआरडी की टीमें, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, एनसीसी 59 बटालियन के कैडेट, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट एवं गाइड तथा आपदा मित्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के सफल आयोजन से जनपद में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है तथा प्रशासनिक समन्वय एवं तैयारियों को नई मजबूती प्राप्त हुई है। भविष्य में भी इस प्रकार के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।











