कानपुर देहात। अमन भदौरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के बाद शव सड़क पर रखे जाने के कारण पिछले 18 घंटे से अधिक समय से जाम की स्थिति बनी हुई है। परिजन अमन की मौत को महज हादसा मानने से इनकार करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि पिछले दिनों अमन भदौरिया के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। परिजनों का कहना है कि इसके बावजूद अमन को सुरक्षा नहीं मिली। उनका आरोप है कि जिन लोगों से अमन का पूर्व में विवाद हुआ था, उन्हीं लोगों पर उन्हें हत्या की आशंका है।
बताया जा रहा है कि कल देर शाम अमन भदौरिया सरमन खेड़ा से गंगागंज की ओर वापस लौट रहे थे, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने एक्सीडेंट की बात पर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया और हत्या की आशंका जताई।
वहीं, व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष ने भी मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा को लेकर परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुरक्षा नहीं मिल सकी।
इधर, 18 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी उच्च अधिकारी के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सड़क पर शव रखे होने के कारण यातायात प्रभावित है और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस प्रशासन का पक्ष
वहीं, यह भी उल्लेखनीय है कि पुलिस प्रशासन की मुखिया श्रद्धा नरेंद्र पांडे के नेतृत्व में जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस द्वारा शिकायतों का मौके पर पहुंचकर निस्तारण किए जाने की बात कही जाती रही है। ऐसे में अमन भदौरिया की मौत से जुड़े इस मामले में भी पुलिस की जांच और कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। अमन भदौरिया की मौत हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसका स्पष्ट खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।












