बुजुर्गों, दिव्यांगों और निराश्रितों के खातों में हर माह पहुंच रही आर्थिक मदद, जिलाधिकारी की निगरानी में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
जालौन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां जनपद जालौन में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही हैं। सरकार की पेंशन योजनाओं के माध्यम से जनपद के 1,32,475 लाभार्थियों को हर माह आर्थिक सहायता मिल रही है। नियमित पेंशन ने हजारों बुजुर्गों, दिव्यांगों, कुष्ठ रोगियों और निराश्रितों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में संबल दिया है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देशन में पात्र लाभार्थियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना के तहत जनपद के 15,824 दिव्यांग लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। वहीं कुष्ठ पेंशन योजना के अंतर्गत 112 लाभार्थियों को प्रतिमाह 3,000 रुपये की पेंशन मिल रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना जनपद के बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है। इसके तहत 85,016 लाभार्थियों को प्रत्येक माह 1,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार निराश्रित पेंशन योजना के अंतर्गत 31,523 लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। चारों योजनाओं को मिलाकर जालौन में कुल 1,32,475 पात्र लाभार्थियों को नियमित पेंशन का लाभ मिल रहा है। यानी हर माह जरूरतमंद परिवारों तक सरकार की सहायता पहुंच रही है, जिससे उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी मंशा को धरातल पर उतारने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देशन में पेंशन योजनाओं की पात्रता, लाभार्थियों तक भुगतान और योजनाओं के क्रियान्वयन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार की संवेदनशीलता और प्रशासन की सक्रियता का यह संगम जालौन में जरूरतमंदों के लिए आर्थिक सुरक्षा की मजबूत ढाल बन रहा है।












