उरई में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, डीएम राजेश कुमार पाण्डेय व एसपी विनय कुमार सिंह ने 15 लाभार्थियों को बांटे चेक; माधौगढ़ व कालपी में भी जनप्रतिनिधियों ने संभाली कमान
आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और आर्थिक सहारा उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों का जनपद जालौन में प्रभावी अनुपालन किया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप आपदा से प्रभावित पात्र परिवारों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी राहत वितरण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि पहुंचा रहे हैं, जिससे संकट की घड़ी में पीड़ितों को तत्काल राहत मिल सके।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तहसील सभागार उरई में जनहानि, पशुहानि एवं मकान क्षति से प्रभावित 15 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपदा से प्रभावित पात्र लोगों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन व कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को आर्थिक सहायता राशि के चेक वितरित कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से शासन की राहत व्यवस्था सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रही है।जिला प्रशासन की क्षति रिपोर्ट के अनुसार कालपी, कोंच, जालौन, माधौगढ़ और उरई तहसीलों में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति और फसल क्षति के मामलों में आर्थिक सहायता वितरित की गई है। पांचों तहसीलों में 34 जनहानि के मामलों में 1.36 करोड़ रुपये, 42 पशुहानि के मामलों में 12.05 लाख रुपये, 263 मकान क्षति के मामलों में 20.36 लाख रुपये तथा 14,221 फसल क्षति के मामलों में 9 करोड़ 11.44 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित किए जाने का विवरण क्षति रिपोर्ट में दर्ज है। फसल क्षति सहायता के मामले में माधौगढ़ तहसील में 6,673 मामलों में 3.95 करोड़ रुपये, जालौन में 4,360 मामलों में 2.79 करोड़ रुपये, कोंच में 3,034 मामलों में 2.37 करोड़ रुपये तथा कालपी में 154 मामलों में 9.32 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद में आपदा राहत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयास से सहायता राशि प्रभावित परिवारों तक तेजी से पहुंचाई जा रही है। जनहानि हो या पशुहानि, मकान क्षति हो या फसल का नुकसान—प्रशासन का प्रयास है कि पात्र प्रभावित परिवार को अनुमन्य सहायता समयबद्ध ढंग से उपलब्ध हो और आपदा के कठिन समय में उसे सरकार का तत्काल संबल मिल सके।













