कानपुर देहात। राजपुर नगर में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है। पिछले तीन दिनों में बंदरों के हमले में 20 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। कई घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। बच्चों पर लगातार हो रहे हमलों से अभिभावक भी उन्हें घर से बाहर भेजने में डर रहे हैं।
गुबार निवासी 32 वर्षीय उमा घर के आंगन में काम कर रही थीं, तभी बंदरों ने उनके कंधे और हाथ पर काटकर घायल कर दिया। अशोक नगर निवासी विश्वजीत के सात वर्षीय बेटे शिवाय और पंकज की 12 वर्षीय बेटी पल्लवी भी बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। कन्हैया नगर निवासी सोमदेव की बेटियां निशा और मोनिका भी बंदरों के हमले का शिकार बनीं।
अटल नगर जैनपुर निवासी 75 वर्षीय जगनदन सिंह पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बचने के लिए जब वह घर के अंदर भागे तो बंदरों ने उन्हें दौड़ाकर गिरा दिया और काटकर घायल कर दिया। उनकी पीठ, गर्दन और हाथ में चोटें आई हैं। परिजनों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदरों के झुंड थाना, अस्पताल, मंदिर, ब्लॉक कार्यालय और बस स्टैंड समेत सार्वजनिक स्थानों के आसपास डेरा डाले रहते हैं। बंदर घरों में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं और बच्चों पर हमले का खतरा लगातार बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़वाकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
नगर पंचायत राजपुर की अधिशासी अधिकारी नीति श्रीवास्तव ने बताया कि बंदरों की समस्या को लेकर शिकायतें मिली हैं। बंदरों को पकड़ने वाली टीम भेजी जाएगी और बंदरों को पकड़वाकर दूर जंगल में छोड़ा जाएगा।
संवाददाता
साहिल कटियार
सिकंदरा कानपुर देहात














