मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अधिक से अधिक गोवंश सुपुर्दगी के निर्देश, गोशालाओं में चारा, पानी व साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर
जालौन में गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार से वर्चुअल बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा नोडल अधिकारी (जिला विकास अधिकारी) को निर्देशित करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में जनपद की किसी भी सड़क पर एक भी निराश्रित गोवंश दिखाई नहीं देना चाहिए। यदि कहीं भी गोवंश सड़क पर घूमता मिला तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गौशालाओं का मर्जर किया गया है, वहां समस्त गोवंशों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी गोवंश गौशाला से बाहर न निकलने पाए। सभी गौशालाओं में नियमित साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, हरे चारे, भूसे, चना, चोकर सहित अन्य आवश्यक पशु आहार की पर्याप्त उपलब्धता हर समय बनी रहे, जिससे गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि 20 जुलाई से 3 अगस्त तक संचालित मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र कृषकों को गोवंश सुपुर्द किए जाएं, जिससे निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को और मजबूती मिल सके। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत अब तक सुपुर्द किए गए सभी गोवंशों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी, समस्त उप जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











