हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन ही बचा सकता है अनमोल जीवन, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को सभी विभाग मिलकर करें कार्य
जालौन। सांसद जालौन-गरौठा-भोगनीपुर नारायणदास अहिरवार की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क सुरक्षा व्यवस्था, दुर्घटना संभावित स्थलों, यातायात नियमों के अनुपालन तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।
सांसद ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे किसी परिवार की अपूरणीय क्षति जुड़ी होती है। उन्होंने बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, रॉन्ग साइड वाहन संचालन करने वालों तथा बिना नंबर प्लेट के वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है, ताकि प्रत्येक नागरिक स्वयं यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक बने। उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा युवाओं को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाने पर बल दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ० घनश्याम अनुरागी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर तक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हेलमेट, सीट बेल्ट एवं यातायात नियमों के पालन के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आमजन से सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने पूर्व में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता पर कराए जाएं। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन भी कराया जाए। सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सड़क संकेतकों, स्पीड ब्रेकरों, चेतावनी बोर्डों तथा प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखते हुए यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० बीरेंद्र सिंह, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पण्डित, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुनील कुमार, महेन्द्र सिंह, अमित सक्सेना, सचिव ओडीए परमानन्द यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।













