कानपुर देहात में राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों को डेंगू बीमारी के विषय में जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग तथा नगरीय निकायों द्वारा सोर्स रिडवंशन की गतिविधियां सम्पादित की गयी तथा प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम है “डेंगू नियंत्रण के लिये जन भागीदारीः जांच करें सफाई करें और ढकें”।
जनमानस को डेंगू के कारण, लक्षण, उपचार तथा बचाव के संबंध में जानकारी दी गयी। सभी को अवगत कराया गया कि डेंगू रोग वायरस के कारण होता है एवं यह मादा ऐडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। अतः अपने आस पास जल भराव न होने दें। पानी के स्रोतों, टंकियों आदि को ढक कर रखें। गमले, कूलर, फूलदान आदि को प्रत्येक सप्ताह खाली कर उनका पानी अवश्य बदल दें। घर के आस-पास कूडा जमा न होने दें। फिज के पीछे की ट्रे को साप्ताहिक रूप से साफ करें। जिससे मच्छरों के पनपनें की सम्भावना को कम किया जा सकें। अधिकांश डेंगू मरीज पूर्ण आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ लेने, पैरासिटामाल के सेवन तथा सही इलाज से ठीक हो जाते हैं। मात्र कुछ ही मरीजों को प्लेटलेट्स चढाने की आवश्यकता पडती हैं। उनके व्दारा बताया गया कि सही इलाज होने के साथ-साथ डेंगू से बचाव के लिए सही जानकारी होना तथा मच्छरों को पनपने से रोकना आवश्यक हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जनमानस से अपील की गई है कि डेंगू बीमारी से बचने के लिये मच्छरदानी लगाकर सोयें, पूरी बांह के कपडे पहने, मच्छर रोधी कीम, अगरबत्ती, क्वाइल, रिपेलेंट लिक्विड आदि का प्रयोग कर स्वयं को मच्छरों के काटने से बचायें। तेज बुखार आना, सिर दर्द होना, आँखों के पीछे तेज दर्द होना, उल्टी / मितली लगना, शरीर पर चकत्ते पडना, रक्त स्राव होना, जैसे लक्षणों के होने पर तत्काल नजदीकी











