रसूलाबाद, कानपुर देहात। क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। समाजसेवी सलोने पाठक ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। साथ ही मीटर रीडिंग में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे उपभोक्ता स्वयं इसकी पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। प्रीपेड प्रणाली लागू होने के कारण बार-बार बिजली कटने की समस्या भी सामने आ रही है।
आरोप है कि कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। तकनीकी खामियों के चलते मीटर अधिक यूनिट दिखा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
समाजसेवी आनंद बाबू द्विवेदी ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक पुराने मीटर के आधार पर ही बिलिंग लागू की जाए। साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों में संशोधन कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि रसूलाबाद क्षेत्र में उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर या हेल्पडेस्क लगाए जाएं तथा मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता की सहमति सुनिश्चित की जाए। गरीब एवं निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को विशेष राहत या सब्सिडी प्रदान करने की भी मांग की गई।
चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।











